नरेंद्र मोदी ने कहा कि 15 अगस्त को देश के सामने रखा गया स्पोर्ट्स विजन सिर्फ मेडल जीतने तक सीमित नहीं है। यह विकसित भारत और देश की खेल शक्ति बढ़ाने का अभियान है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “मैं हमेशा कहता हूं- जो खेले, वो खिले। आज युवाओं को स्क्रीन से ज्यादा स्पोर्ट्स सेंटर और प्लेग्राउंड चाहिए।”खेल मंत्रालय के ‘खेलो इंडिया संवाद-खेल की बात, पीएम के साथ’ अभियान के तहत आयोजित इस संवाद में पीएम मोदी ने कई महत्वपूर्ण बातें कहीं।
नेशनल स्पोर्ट्स डे और मेजर ध्यानचंद
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि 29 अगस्त को नेशनल स्पोर्ट्स डे मनाया जाता है। यह दिन महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को समर्पित है। करीब 100 साल पहले भारतीय सेना की हॉकी टीम न्यूजीलैंड गई थी, जिसमें ध्यानचंद भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को आज और मजबूत किया जा रहा है।
ओलंपिक में नए खेलों पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि देश के हर जिले में खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं। ओलंपिक के 20 से ज्यादा खेलों में भारत की भागीदारी अभी नहीं रही है, जबकि दूसरे देश इनमें मेडल जीत रहे हैं। भारत को नए खेलों में भी आगे बढ़ना होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि लंबी समुद्री तटरेखा होने के बावजूद सर्फिंग में भारत अभी पीछे है।
खेलो इंडिया संवाद और स्पोर्ट्समैन स्पिरिट
सरकार मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। खेलो इंडिया संवाद में युवा खेल, गवर्नेंस और विकसित भारत पर अपने सुझाव दे सकेंगे। उनके विचार देश को आगे बढ़ाएंगे।
स्वस्थ समाज और मजबूत परिवार के लिए स्पोर्ट्समैन स्पिरिट जरूरी है। खेल हमें चैंपियन के साथ बेहतर प्रतियोगी बनना सिखाते हैं। पैरा एथलीट्स की सफलता समाज और परिवारों में नई उम्मीद जगाती है।
खिलाड़ियों की उपलब्धियों का जिक्र
प्रधानमंत्री ने शीतल के आर्चरी मेडल और अवनी लेखरा के दो मेडल का जिक्र करते हुए कहा कि इन उपलब्धियों ने जम्मू-कश्मीर और पूरे देश को गौरवान्वित किया है। झंडू कुमार समेत कई पैरा एथलीट प्रेरणा दे रहे हैं। फौजा सिंह ने 100 साल की उम्र के बाद भी फिटनेस की मिसाल पेश की है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि नई तकनीक से खेलों में बदलाव आ रहा है। साइकोलॉजी और न्यूट्रिशन जैसे क्षेत्रों में नए करियर के अवसर बन रहे हैं। युवा इन अवसरों को अपनाएं और खेलों पर नए विचार दें।
खेल मंत्री मांडविया का बयान
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को देश का उज्ज्वल भविष्य बताया है। 12 जनवरी को युवाओं के साथ समय बिताने का असर बजट में भी दिखा, जिसे वित्त मंत्री ने ‘यूथ ड्रिवन’ बताया।
उन्होंने कहा, “आज सबसे बड़ा बदलाव स्टेडियम में नहीं, बल्कि लोगों की सोच में आया है। एक तरफ वे खिलाड़ी हैं जिन्होंने तिरंगे को विश्व मंच तक पहुंचाया है। दूसरी तरफ वे खिलाड़ी हैं जो तिरंगे को पोडियम तक पहुंचाने का सपना देख रहे हैं।”
दिग्गज खिलाड़ियों की भागीदारी
कार्यक्रम में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा के अलावा मौजूदा और पूर्व खिलाड़ी तथा अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता शामिल हुए। इनमें मनिका बत्रा, दीपा करमाकर, साइना नेहवाल, गगन नारंग, श्रीजेश, मैरी कॉम, बाइचुंग भूटिया, पुलेला गोपीचंद, अंजू बॉबी जॉर्ज, कर्णम मल्लेश्वरी और मीराबाई चानू शामिल हैं।
इससे पहले 9 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मिले थे और उनकी मुलाकात की रील इंस्टाग्राम पर शेयर की थी। इस बार का संवाद वर्चुअल रहा।