दिनांक 02.11.2026 को पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट प्रयागराज की अध्यक्षता में रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित त्रिवेणी सभागार में अपराध एवं कानून-व्यवस्था के संबंध में अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में कमिश्नरेट प्रयागराज की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई, लंबित विवेचनाओं, यातायात प्रबंधन, तकनीकी पुलिसिंग एवं आगामी त्योहारों के दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की गयी । इस दौरान पुलिस आयुक्त द्वारा संबंधित पुलिस अधिकारियों, सहायक पुलिस आयुक्तों, थाना प्रभारियों एवं विभिन्न शाखा प्रभारियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए-
1. जनसुनवाई एवं फरियादियों की समस्याओं का प्राथमिकता पर निस्तारण
- थानों एवं पुलिस कार्यालयों में आने वाले फरियादियों की समस्याओं को पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुनते हुए उनका यथासंभव त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
- फरियादियों के साथ सौम्य, शालीन एवं संवेदनशील व्यवहार किया जाए।
- प्राप्त प्रार्थना-पत्रों को संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस प्रकार आवंटित किया जाए कि उनका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित हो सके।
- सहायक पुलिस आयुक्तों द्वारा प्रार्थना-पत्रों की जांच के उपरांत शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर वार्ता कर निस्तारण की गुणवत्ता एवं संतुष्टि का सत्यापन किया जाए।
2. IGRS एवं जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर
- IGRS पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
- शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की औपचारिकता अथवा लापरवाही न बरती जाए।
- संबंधित अधिकारी शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा एवं प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें।
3. घटनाओं पर त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स एवं प्रभावी अपराध नियंत्रण
- किसी भी घटना की सूचना प्राप्त होते ही संबंधित पुलिस अधिकारी एवं पुलिस बल तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
- थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय पुलिसिंग, प्रभावी गश्त एवं सतर्क निगरानी बनाए रखें।
- लंबित आपराधिक घटनाओं के शीघ्र अनावरण हेतु ठोस प्रयास किए जाएं ।
- गुमशुदा बच्चों की तलाश को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता एवं गंभीरता से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
4. लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण
- लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।
- विशेष रूप से 60 एवं 90 दिवस की समय-सीमा से संबंधित विवेचनाओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
- विवेचनाओं में साक्ष्य संकलन, विधिक प्रक्रियाओं के अनुपालन एवं प्रभावी पर्यवेक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
- संबंधित पर्यवेक्षण अधिकारी विवेचनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करें।
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5. ई-साक्ष्य एवं ई-समन प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन
- विवेचनाओं में डिजिटल साक्ष्यों के संकलन एवं रिकॉर्डिंग हेतु ई-साक्ष्य प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
- ई-साक्ष्य से संबंधित आवश्यक फीडिंग एवं डिजिटल प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए।
- ई-समन प्रणाली के माध्यम से प्राप्त समन की त्वरित तामील एवं संबंधित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
- तकनीकी माध्यमों के प्रभावी उपयोग से पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं दक्ष बनाया जाए।
6. साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर हेल्प डेस्क की सक्रियता
- थानों पर स्थापित साइबर हेल्प डेस्क के कार्यों को प्रभावी एवं सक्रिय बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
- साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों पर तत्परता से आवश्यक कार्रवाई की जाए।
- साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों को समय से आवश्यक सहायता एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए।