नई दिल्ली। सालों तक सोशल मीडिया पर छाए रहे 10-स्टेप कोरियन स्किनकेयर रूटीन अब धीरे-धीरे पीछे छूट रहे हैं। 2026 में ब्यूटी वर्ल्ड का नया मंत्र बन चुका है ‘स्किनिमलिज्म’ (Skinimalism) -यानी कम प्रोडक्ट्स, लेकिन बेहतर और असरदार स्किनकेयर।
यह ट्रेंड ‘Skin’ और ‘Minimalism’ शब्दों से मिलकर बना है। इसका मतलब है - अपनी त्वचा की असल जरूरत के हिसाब से सिर्फ जरूरी और मल्टीफंक्शनल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना। लेयरिंग और ज्यादा एक्टिव इंग्रीडिएंट्स के बजाय स्किन बैरियर की सुरक्षा और साधारण लेकिन साइंस-बेस्ड रूटीन पर जोर।
क्यों छाया स्किनिमलिज्म?
डर्मेटोलॉजिस्ट्स बताते हैं कि ज्यादा प्रोडक्ट्स लगाने से स्किन बैरियर कमजोर हो जाता है। इससे रूखापन, लालिमा, जलन, सेंसिटिविटी और कई बार एक्ने बढ़ने की शिकायतें आ रही हैं। News18 में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. निरुपमा परवांदा जैसे विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर लोगों के लिए एक सौम्य क्लींजर, बैरियर-रिपेयरिंग मॉइस्चराइजर, ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन और जरूरत पड़ने पर एक टारगेटेड एक्टिव ही काफी है।
NIQ डेटा के मुताबिक अब 75% उपभोक्ता तीन या उससे कम स्किनकेयर प्रोडक्ट्स खरीद रहे हैं। बाजार में स्किनिमलिज्म सेगमेंट 2025-2034 के बीच लगभग 9.8