आगरा की बेटी दुर्गा शक्ति नागपाल आज उत्तर प्रदेश कैडर की 2010 बैच की IAS अधिकारी हैं। कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा की राह चुनी और दूसरे प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 20 हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया। उनके पति अभिषेक सिंह भी पूर्व IAS अधिकारी हैं, जिन्होंने बाद में अभिनय की दुनिया अपना ली।
शुरुआती जीवन और शिक्षा
दुर्गा शक्ति नागपाल का जन्म 25 जून 1985 को उत्तर प्रदेश के आगरा में हुआ। उनके पिता सुभाष नागपाल दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड में सरकारी सेवा में रहे और राष्ट्रपति पदक से सम्मानित हुए। दादा घनश्याम नागपाल पुलिस अधिकारी थे, जो 1954 में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए।उन्होंने चंडीगढ़ के विवेक हाई स्कूल और नई दिल्ली के लोरेटो कॉन्वेंट से स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वुमेन (IGDTUW) से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री 2007 में हासिल की।
UPSC की यात्रा: IRS से IAS तक
बीटेक के बाद दुर्गा शक्ति ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। पहली कोशिश में वे भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के लिए चयनित हुईं। लेकिन उनका लक्ष्य IAS था, इसलिए उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान भी UPSC परीक्षा दोबारा दी। 2009 की सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 20 हासिल की और 2010 बैच की IAS अधिकारी बनीं।शुरुआत में उन्हें पंजाब कैडर मिला। मोहाली में ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने भूमि संबंधी अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई की।
शादी और कैडर परिवर्तन
UPSC की तैयारी के दौरान ही उनकी मुलाकात अभिषेक सिंह से हुई। अभिषेक सिंह 2011 बैच के IAS अधिकारी हैं (ऑल इंडिया रैंक 94)। दोनों की शादी के बाद दुर्गा शक्ति का कैडर पंजाब से उत्तर प्रदेश में स्थानांतरित कर दिया गया। अभिषेक सिंह ने बाद में सेवा से इस्तीफा दे दिया और अभिनय की दुनिया में कदम रखा। दोनों के दो बच्चे हैं।
प्रशासनिक करियर और चर्चा
उत्तर प्रदेश में आने के बाद गौतम बुद्ध नगर में संयुक्त मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात रहने के दौरान दुर्गा शक्ति अवैध रेत खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आईं। 2013 में एक विवाद के चलते उन्हें संक्षिप्त निलंबन का सामना करना पड़ा, लेकिन बाद में बहाल कर दिया गया।
इसके बाद उन्होंने बांदा, लखीमपुर खीरी समेत कई जिलों में जिला मजिस्ट्रेट के रूप में काम किया। सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उनके नेतृत्व की सराहना हुई। अगस्त 2026 तक की जानकारी के अनुसार वे देवीपाटन मंडल (गोंडा) की मंडलायुक्त (Divisional Commissioner) के पद पर तैनात हैं।
दुर्गा शक्ति नागपाल की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो तकनीकी शिक्षा के बाद भी सिविल सेवा का सपना देखते हैं। बीटेक से शुरू होकर दूसरे प्रयास में IAS बनने और ईमानदारी से प्रशासन चलाने की उनकी यात्रा कई लोगों को प्रेरित करती रहती है।