महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) में धांधलियों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस कड़ी में सबसे बड़ा प्रदर्शन आज यानी 7 सितंबर को किया गया।उम्मीदवारों का कहना है कि महाराष्ट्र की सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी है। छात्रों ने परीक्षा पैटर्न में गड़बड़ियों और कुछ पदों में कटौती को भी अपना मुद्दा बनाया।
महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन (MPSC) ने फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट में ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B पोस्ट के लिए भर्ती प्रक्रिया पेपर लीक के बाद रद्द कर दी थी। ये परीक्षा 22 मार्च 2026 को हुई थी और जुलाई में इसका रिजल्ट जारी होने के बाद इंटरव्यू हुए थे। प्रशासन के खिलाफ छात्रों का आक्रोश तब ही से था।
ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का कैसे लीक हुआ पेपर
क्राइम ब्रांच के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गौरव राजेंद्र पाटिल का नाम भी शामिल है। गौरव का ऋतुजा पाटिल नाम की एक लड़की से अफेयर था। उसने गौरव को पेपर शेयर किया था। हालांकि, बाद में गौरव और ऋतुजा का ब्रेकअप हो गया।
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद गौरव ने गुस्से में ड्रग इंस्पेक्टर की परीक्षा कराने वाले आयोग यानी MPSC को पेपर लीक की जानकारी दी। आयोग ने गौरव की दी हुई जानकारी के आधार पर मुंबई पुलिस से संपर्क किया और मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई।
कोचिंग इंस्टीट्यूट से 5 लाख में खरीदा क्वेश्चन पेपर
रिपोर्ट के मुताबिक, ऋतुजा को स्क्रीनिंग के पहले ही क्वेश्चन पेपर मिल गया था। आरोप है कि उसके पिता ने पेपर हासिल करने के लिए बिचौलिए प्रवीण पाटिल को 5 लाख रुपए एडवांस देकर पेपर लिया था।
प्रवीण पाटिल नंदुरबार शहर में कोचिंग चलाता है। ऋतुजा उसी इंस्टीट्यूट में पढ़ रही थी। पेपर मिलने के बाद उसने अपने बॉयफ्रेंड गौरव से पेपर शेयर किया था और वो सिलेक्ट भी हो गई थी।
जांच में ये भी सामने आया है कि लड़की ने एग्जाम के बाद कोचिंग में फोन भी किया था और बताया था कि 90 सवाल मिल रहे थे लेकिन शक न हो इसलिए उसने 78 ही सवालों के सही जवाब दिए।
5 सितंबर से उग्र हुए आंदोलन
जांच में कथित पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद परीक्षा रद्द किए जाने की खबरों ने उम्मीदवारों में नाराजगी बढ़ा दी। छात्रों का कहना था कि मामला सिर्फ एक परीक्षा का नहीं, बल्कि पूरी भर्ती और परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का है।
5 सितंबर 2026 को आंदोलन ने जोर पकड़ना शुरू किया। अमरावती में MPSC उम्मीदवार सड़कों पर उतरे। हजारों छात्रों ने जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
इस आंदोलन के तहत छात्रों ने MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन बड़े पैमाने पर किया जाएगा। MPSC परीक्षा की कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र और प्रतियोगी परीक्षा से जुड़े टीचर सक्रिय हुए। NCP(SP) विधायक रोहित पवार के पास शिक्षकों ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं की शिकायतें रखीं।