जर्मनी के पूर्वी के पूर्वी राज्य सैक्सोनी-आनहाल्ट में सितंबर 2026 के राज्य चुनाव में अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। पार्टी को करीब 43.8 प्रतिशत वोट मिले, जो 2021 के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है। रूढ़िवादी CDU महज 17 प्रतिशत के आसपास सिमट गई। यह दूसरा विश्व युद्ध के बाद पहली बार है जब कोई कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी किसी जर्मन राज्य में सत्ता के इतने करीब पहुंची है। AfD को 83 सीटों वाले विधानसभा में 39 सीटें मिलीं—पूर्ण बहुमत के लिए तीन सीटें कम। अब सरकार बनाने को लेकर सियासी उलझन बनी हुई है, क्योंकि बाकी पार्टियां AfD के साथ गठबंधन से इनकार करती रही हैं।
AfD प्रवासियों के खिलाफ सख्त रुख, समलैंगिक विवाह का विरोध और पारंपरिक परिवार की हिमायत के लिए जानी जाती है। लेकिन इस पार्टी की सबसे ताकतवर चेहरे एलिस वीडल (Alice Weidel) की निजी जिंदगी पार्टी की नीतियों से बिल्कुल उलटी है। वीडल खुद लेस्बियन हैं। उनकी पार्टनर सारा बोसार्ड (Sarah Bossard) श्रीलंका में जन्मीं, जिन्हें तीन महीने की उम्र में स्विट्जरलैंड के एक पादरी दंपती ने गोद लिया था। दोनों 2009 से साथ हैं, स्विट्जरलैंड में रहते हैं और दो बेटों की परवरिश मिलकर करते हैं। बच्चे स्पर्म डोनेशन से पैदा हुए हैं, लेकिन डोनर अनजान नहीं—दोनों परिवार उनके जैविक पिता को जानते हैं।
दादा नाजी जज थे, परिवार ने कभी बात नहीं की
वीडल का जन्म 6 फरवरी 1979 को गुटर्सलोह में हुआ। उनका बचपन हरसेविंकेल में बीता। परिवार रोमन कैथोलिक था। पिता फर्नीचर-एंटीक का कारोबार करते थे, मां गृहिणी। दादा हंस वीडल हिटलर शासन में उच्च पद पर थे। वे नाजी पार्टी और SS से जुड़े थे। 1941 में हिटलर ने उन्हें कब्जे वाले वारसॉ में सैन्य न्यायधीश नियुक्त किया था। युद्ध के बाद परिवार सिलेसिया (अब पोलैंड) से भागकर पश्चिमी जर्मनी पहुंचा और फर्नीचर का काम शुरू किया। एलिस महज छह साल की थीं जब दादा की मौत हो गई। उन्होंने खुद कहा है कि परिवार में दादा के नाजी काल के कामों पर कभी चर्चा नहीं हुई।
स्कूली दिनों में ज्यादातर शिक्षक वामपंथी विचारों वाले थे। वीडल कहती हैं, “वे मुझे पसंद नहीं करते थे और मैं भी उन्हें पसंद नहीं करती थी। उनको चिढ़ाने के लिए मैं अपने पिता की मर्सिडीज से स्कूल जाती थी।” डॉक्टर बनना चाहती थीं, लेकिन पिता के कहने पर अर्थशास्त्र और बिजनेस की पढ़ाई की। बेयरुथ विश्वविद्यालय से दोनों विषयों में डिप्लोमा किया और टॉपर्स में रहीं।
गोल्डमैन सैक्स से चीन तक का सफर
पढ़ाई के बाद गोल्डमैन सैक्स में काम किया। फिर चीन चली गईं। वहां बैंक ऑफ चाइना में काम किया, मंदारिन सीखी और बिजनेस कंसल्टेंट के तौर पर सक्रिय रहीं। चीन की पेंशन व्यवस्था पर शोध किया और 2011 में उसी विषय पर डॉक्टरेट पूरी की। चीन में करीब पांच-छह साल बिताने के बाद जर्मनी लौटीं। अर्थशास्त्र, बैंकिंग और अंतरराष्ट्रीय अनुभव ने उन्हें राजनीति से पहले ही पैसे, कारोबार और दुनिया की गहरी समझ दे दी।
पार्टनर ने कहा—बातें कम करो, राजनीति में आओ
वीडल की मुलाकात सारा बोसार्ड से 2007 के आसपास हुई। सारा स्विस फिल्म निर्माता हैं। दोनों की दोस्ती रिश्ते में बदल गई। वीडल बताती हैं कि AfD में शामिल होने का विचार सारा से ही मिला। एक पार्टी में यूरोपीय संघ की राजनीति पर लंबी-लंबी बातें सुनकर सारा परेशान हो गईं और बोलीं—“अगर इतनी बातें करनी हैं तो खुद राजनीति में क्यों नहीं चली जातीं?” 2013 में वीडल AfD में शामिल हो गईं। तब पार्टी यूरो संकट के विरोध से शुरू हुई थी। बाद में वह प्रवासन और राष्ट्रीय पहचान पर फोकस करने लगी।
आज वीडल AfD की सह-अध्यक्ष हैं और पार्टी के बढ़ते प्रभाव में उनका बड़ा हाथ माना जाता है। सैक्सोनी-आनहाल्ट की जीत को उन्होंने “ऐतिहासिक” और “सरकार बनाने का स्पष्ट जनादेश” बताया। पार्टी अब पूरे पूर्वी जर्मनी और फिर राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने की बात कर रही है।
विरोधाभास जो सवाल पैदा करता है
एक तरफ पार्टी समलैंगिक विवाह खत्म करने और पारंपरिक परिवार (माता-पिता-बच्चे) को समाज की बुनियाद बताने की बात करती है। दूसरी तरफ उसकी सबसे प्रमुख चेहरा खुद समलैंगिक रिश्ते में है, प्रवासी पृष्ठभूमि वाली पार्टनर के साथ रहती है और दो बच्चों की मां है। वीडल ने पहले कहा है कि वे “क्वीर” नहीं बल्कि एक महिला के साथ रिश्ते में हैं, और कानूनी समलैंगिक विवाह उनके लिए अहम मुद्दा नहीं।