देश के कई हिस्सों में बदलते मौसम और बरसात के प्रभाव से वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और खांसी के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के अस्पतालों की ओपीडी में बुखार, जुकाम और बदन दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की भीड़ दिख रही है।
अमेठी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हाल के दिनों में वायरल फीवर के मरीज बढ़े हैं। लगातार बारिश के बाद मौसम में आए बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। अस्पताल अधीक्षक ने मरीजों को सावधानी बरतने और जरूरी इलाज कराने की सलाह दी है।
मधुबन और सिद्धार्थनगर जैसे इलाकों में भी सरकारी व निजी अस्पतालों में सर्दी-खांसी और वायरल बुखार के मामले बढ़ने की खबर है। महिलाओं और बच्चों में ये लक्षण ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। इंदौर में भी मौसम बदलाव के बाद वायरल संक्रमण बढ़े हैं, जहां कुछ मरीजों में 102-103 डिग्री तक बुखार दर्ज किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर और अन्य शहरों में भी इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण (तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, बदन दर्द) वाले मरीज बढ़े हैं। डॉक्टरों के मुताबिक मानसून के दौरान नमी और तापमान में बदलाव वायरस के फैलने के लिए अनुकूल माहौल बनाते हैं। ज्यादातर मामले हल्के होते हैं और आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ और डॉक्टर की सलाह से ठीक हो जाते हैं, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए।
लक्षण क्या हैं?
- तेज बुखार (100-104 डिग्री तक)
- सर्दी-जुकाम, नाक बहना या बंद होना
- खांसी (कभी-कभी लंबे समय तक रहने वाली)
- गले में खराश, बदन दर्द और कमजोरी
सावधानियां:
- हाथ धोते रहें और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनें।
- ठंडी चीजों और बरसात में भीगने से बचें।
- पर्याप्त आराम करें और गर्म पानी-काढ़ा लें।
लक्षण ज्यादा बढ़ने या सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। एंटीबायोटिक बिना डॉक्टर की सलाह के न लें, क्योंकि ज्यादातर मामले वायरल होते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने जगह-जगह निगरानी बढ़ाई है और लोगों से अपील की है कि मौसमी बीमारियों को हल्के में न लें। मौसम में सुधार के साथ ही ये मामले नियंत्रण में आने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल सतर्क रहना जरूरी है।