पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की गई एक ग्रुप फोटो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, पीएमओ ने फोटो को एडिट करके उसमें से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटा दी। यह तस्वीर किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में एससीओ समिट के दौरान हुई ग्रुप फोटो की है। इसमें एससीओ के सदस्य देशों के नेता एक मंच पर खड़े नजर आ रहे हैं। मूल तस्वीर में प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ दोनों दिखाई दे रहे हैं। भारतीय प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने भी सोशल मीडिया पर इस ग्रुप फोटो को शेयर किया है, जिसमें शहबाज शरीफ भी नजर आ रहे हैं। वहीं, पाकिस्तानी पीएमओ की ओर से शेयर की गई तस्वीर में मोदी दिखाई नहीं दे रहे हैं। बैठक तय नहीं थी, फिर भी मिले मोदी-जिनपिंग- किर्गिस्तान के बिश्केक में एससीओ समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अचानक मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की। दोनों के बीच अलग से द्विपक्षीय बैठक पहले से तय नहीं थी। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भी दोनों नेताओं के साथ नजर आए।
एससीओ समिट में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट कार्रवाई की जरूरत बताई। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए। उन्होंने आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने पर जोर दिया। पीएम मोदी के एससीओ भाषण की बड़ी बातें- 1. आतंकवाद को जड़ से खत्म करना जरूरी-सिर्फ आतंकियों को पकड़ना या मारना काफी नहीं है।
उन्हें पैसा कौन देता है, भर्ती कैसे होती है और कहां छिपते हैं, इस पूरे नेटवर्क को खत्म करना होगा। 2. आतंकवाद पर सब देश एक साथ रहें-कुछ देशों के लिए आतंकवाद गलत और कुछ के लिए सही नहीं हो सकता। सभी को आतंकवाद के खिलाफ एक जैसी सख्त नीति अपनानी होगी। 3. जंग का समाधान बातचीत से निकले-पश्चिम एशिया में जंग का असर दूर-दूर तक पहुंचता है। देशों के बीच विवाद होने पर युद्ध करने के बजाय बातचीत और कूटनीति से रास्ता निकालना चाहिए। 4. एससीओ संस्कृति और विचारों को जोड़ने का मंच-मोदी ने कहा कि भारत के लिए एससीओ अलग-अलग देशों की सभ्यता, संस्कृति और विचारों को जोड़ने वाला मंच भी है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने द्वितीय विश्व युद्ध शुरू होने के 87 साल पूरे होने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसी वैश्विक उकसावे वाली घटनाएं नहीं होनी चाहिए, जो नए युद्ध को जन्म दें। पुतिन ने कहा कि देशों को मिलकर काम करना होगा, ताकि दुनिया में नए संघर्षों को भड़कने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि मौजूदा सहयोग और प्रयास इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेंगे।