आलोक श्रीवास्तव की कविता और शरद केलकर की आवाज ने बनाया भावनात्मक
नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ इन दिनों दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। कारगिल युद्ध पर आधारित यह सीरीज नेटफ्लिक्स की ग्लोबल टॉप 10 नॉन-इंग्लिश टीवी लिस्ट में दूसरे नंबर पर पहुंच गई है। इसी सफलता के बीच मेकर्स ने मिग-21 लड़ाकू विमान को समर्पित एक खास डॉक्यूमेंट्री ‘द लास्ट सैल्यूट’ रिलीज कर दी है।
डॉक्यूमेंट्री की शुरुआत मशहूर कवि आलोक श्रीवास्तव की लिखी एक भावुक कविता से होती है। इस कविता को अभिनेता शरद केलकर ने अपनी प्रभावशाली आवाज दी है। कविता मिग-21 की 62 साल की शानदार यात्रा और उससे जुड़े भारतीय वायुसेना के जवानों की यादों को खूबसूरती से पेश करती है।
कविता के बोल कुछ इस प्रकार हैं-
“अर्जुन का तीर था, उड़ती शमशीर था।
तेवर से सूर्य था, वायु रणवीर था।
सेना का जोश था, पागल मदहोश था।
दुश्मन के सामने खतरा गंभीर था।
सीमा के पार जो जाता था तीर सा।
दुश्मन को मारकर आता था वीर था।
अर्जुन का तीर था, उड़ती शमशीर था।”
‘इस फिल्म का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं’
कवि आलोक श्रीवास्तव ने ‘द लास्ट सैल्यूट’ का हिस्सा बनने पर अपनी खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा, “मैं इस फिल्म का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं, क्योंकि यह देश के बहादुर जवानों की कहानी है।” उन्होंने फिल्म के निर्देशक कुशल श्रीवास्तव का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उन्हें अपनी क्रिएटिव जर्नी का हिस्सा बनाया।
आलोक ने आगे कहा कि उन्हें खुशी है कि शरद केलकर की आवाज में उनकी कविता को दर्शकों से इतना प्यार मिल रहा है। उन्होंने डॉक्यूमेंट्री को मिल रही सफलता पर खुद को भाग्यशाली बताया।
मिग-21 की 62 साल की यात्रा
‘द लास्ट सैल्यूट’ भारतीय वायुसेना के साथ मिग-21 के 62 साल के लंबे सफर को याद करती है। डॉक्यूमेंट्री में एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह समेत मिग-21 उड़ाने वाले कई पायलटों की यादें और अनुभव शामिल किए गए हैं। फिल्म सिर्फ तकनीकी जानकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पायलट और उनके विमान के बीच के गहरे भावनात्मक रिश्ते को भी सामने लाती है।
निर्देशक कुशल श्रीवास्तव का कहना है कि वे मिग-21 की कहानी को महज तकनीकी जानकारी तक नहीं रखना चाहते थे। उनका मकसद पायलट और उनके विमान के बीच के भावनात्मक बंधन को दर्शकों तक पहुंचाना था। इसी सोच के साथ डॉक्यूमेंट्री बनाई गई है।
‘ऑपरेशन सफेद सागर’ की सफलता और ‘द लास्ट सैल्यूट’ की रिलीज ने कारगिल युद्ध और भारतीय वायुसेना के वीरों की कहानी को एक बार फिर लोगों के दिलों में ताजा कर दिया है। दोनों प्रोजेक्ट्स दर्शकों को न सिर्फ युद्ध की याद दिला रहे हैं, बल्कि उन जवानों और मशीनों के प्रति सम्मान का भाव भी जगा रहे हैं, जिन्होंने देश की रक्षा में अहम भूमिका निभाई।