जनपद रायबरेली में सहकारी समितियों को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं बहुउद्देशीय बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में जिला सहकारी विकास समिति (डी0सी0डी0सी0) की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद में सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण, आधारभूत सुविधाओं के विकास, कृषि सेवाओं के विस्तार एवं रोजगारपरक गतिविधियों को बढ़ावा देने से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया तथा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि जनपद रायबरेली की 188 बी-पैक्स, मत्स्य विभाग की 25 तथा दुग्ध विभाग की 306 समितियों की राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर ऑनलाइन फीडिंग कराई जा चुकी है। नवगठित सहकारी समितियों के पंजीकरण हेतु ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।
सहकारी समितियों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए गोदामों एवं भवनों के निर्माण, मरम्मत तथा उपलब्ध भूमि के उपयोग पर विशेष बल दिया गया। विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत बी-पैक्स पश्चिम गांव में 500 मीट्रिक टन तथा बी-पैक्स घुरौना में 1000 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम निर्माण से संबंधित कार्यवाही प्रस्तावित है। इसके साथ ही अन्य समितियों में भंडारण सुविधाओं के विस्तार एवं भूमि संबंधी अभिलेखों को समितियों के नाम दर्ज कराने के विषय पर भी चर्चा की गई।
नवगठित बी-पैक्स को सक्रिय बनाने की दिशा में जनपद की 28 नवगठित समितियों में से 18 समितियों में उर्वरक लाइसेंस बनवाकर उर्वरक प्रेषण की कार्यवाही की जा चुकी है। खरीफ एवं रबी कृषि अभियानों के अंतर्गत किसानों को समय से कृषि निवेश उपलब्ध कराने के लिए समितियों के माध्यम से उर्वरक वितरण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत धान क्रय केंद्रों के संचालन हेतु चयनित समितियों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में सहकारी समितियों को जनसेवा केंद्र (सी0एस0सी0) के रूप में विकसित करने की प्रगति पर चर्चा की गई। जनपद में निर्धारित 122 समितियों के लक्ष्य के सापेक्ष 110 बी-पैक्स समितियां जनसेवा केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं। इनके माध्यम से मोबाइल रिचार्ज, बिजली बिल भुगतान सहित विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन समितियों द्वारा अब तक लगभग 76.97 लाख रुपये का व्यवसाय किया जा चुका है।
इसके अतिरिक्त पांच बी-पैक्स समितियों को प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र के रूप में विकसित करने हेतु चयनित किया गया है, जिनमें से दो समितियों में दवाओं का क्रय-विक्रय प्रारंभ हो चुका है। सहकारी समितियों के माध्यम से पशु औषधि केंद्र स्थापित करने, उचित मूल्य की दुकानों का संचालन, सहकारी उर्वरक एवं बीज विक्रय केंद्रों को सुदृढ़ करने तथा समितियों के आधुनिकीकरण पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में मत्स्य सहकारी समितियों के माध्यम से मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, उपयुक्त तालाबों एवं जलाशयों की पहचान करने तथा निष्क्रिय सहकारी समितियों के स्थान पर आवश्यकतानुसार नई समितियों के गठन के संबंध में भी चर्चा की गई।
सहकारी समितियों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत 74 समितियों के प्रस्तावों के सापेक्ष 16 समितियों को मरम्मत हेतु धनराशि प्राप्त होने तथा संबंधित कार्यों के प्रारंभ अथवा पूर्ण होने की जानकारी दी गई। शेष समितियों के लिए आवश्यक धनराशि प्राप्त करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
जिलाधिकारी ने बैठक में सहकारी समितियों तक सड़क संपर्क, आवश्यक लॉजिस्टिक सुविधाओं, आधारभूत संरचना के विकास तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समितियों तक पहुंचाने के लिए संबंधित विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने, उनकी कार्यप्रणाली को प्रभावी करने तथा किसानों को स्थानीय स्तर पर कृषि एवं अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया गया।
जिला सहकारी विकास समिति की बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में सहकारिता आंदोलन को नई गति प्रदान करना, किसानों एवं ग्रामीण नागरिकों को स्थानीय स्तर पर आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना तथा सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर ग्रामीण विकास में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
इस मौके पर अपर जिलाधिकारी (वि0रा0) सहदेव मिश्र, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विवेक कुमार सिंह सहित सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सहकारी विकास समिति (डी0सी0डी0सी0) की बैठक सम्पन्न
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जनपद रायबरेली में सहकारी समितियों को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं बहुउद्देशीय बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में जिला सहकारी विकास समिति (डी0सी0डी0सी0) की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई।
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