हरहुआ/वाराणसी। पढ़ाई के साथ साथ बच्चों को कला प्रदर्शन भी अति आवश्यक है। कला, संस्कृति और रचनात्मक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘कला यात्रा एक खोज’ की ओर से आयोजित चार दिवसीय ‘देवी द ऑनलाइन आर्ट एग्जिबिशन’ में लगभग 60 कलाकारों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। 17 से 20 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस विशेष ऑनलाइन कला प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता में बाल कलाकारों, विद्यार्थियों और पेशेवर कलाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में श्रेया ने द्वितीय स्थान तथा सिद्धि वर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
देवी के विविध स्वरूपों पर आधारित इस कला प्रदर्शनी में कलाकारों ने अपनी कल्पनाशीलता, रंगों के संयोजन और रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और नारी शक्ति को चित्रों में उकेरा। किसी कलाकार ने मां दुर्गा के दिव्य स्वरूप को आकर्षक रंगों से सजाया, तो किसी ने रेखाचित्र और आधुनिक डिजिटल कला के माध्यम से देवी के विभिन्न रूपों को प्रस्तुत किया। प्रदर्शनी में शामिल कलाकृतियों में कलाकारों की मेहनत, साधना और कलात्मक दृष्टिकोण की झलक देखने को मिली।
ऑनलाइन मंच पर प्रतिभाओं को मिला व्यापक अवसर
आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन कला प्रदर्शनियां कलाकारों को अपनी रचनात्मकता व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए ‘कला यात्रा एक खोज’ ने इस विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया। इसमें अलग-अलग आयु वर्ग के प्रतिभागियों को अपनी कलाकृतियां प्रस्तुत करने और अपनी कला के माध्यम से पहचान बनाने का अवसर मिला।
प्रतियोगिता की विशेषता यह रही कि इसमें बाल कलाकारों और विद्यार्थियों के साथ पेशेवर कलाकारों ने भी अपनी रचनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया। चित्रकला, रेखाचित्र, मूर्तिकला और डिजिटल आर्ट सहित विभिन्न कला माध्यमों को शामिल कर प्रदर्शनी को विविधतापूर्ण स्वरूप दिया गया। देवी विषय पर केंद्रित कलाकृतियों ने भारतीय परंपरा, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक विरासत को कलात्मक अभिव्यक्ति के साथ प्रस्तुत किया।
श्रेया और सिद्धि वर्मा ने हासिल की उपलब्धि
प्रतियोगिता में श्रेया ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि सिद्धि वर्मा तृतीय स्थान पर रहीं। दोनों प्रतिभागियों की उपलब्धि ने प्रतियोगिता में उनकी रचनात्मक क्षमता को सामने रखा। आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित करने की व्यवस्था की गई थी।
बेस्ट पेंटिंग अवार्ड की श्रेणी में सपना सिंह, मान्या मिश्रा और श्रद्धा सुमन चौधरी के नाम शामिल रहे। गोल्ड मेडल श्रेणी में आकांक्षा प्रजापति, ऋषिता कंबोज, नरेश साहनी, संचित राय, आदित्य भारद्वाज, माहिरा अग्रवाल, नीमा मरियम जोश, शिवाशी, यथार्थ विक्रम और मृत्युंजय सहित अन्य प्रतिभागियों ने स्थान बनाया।
सिल्वर मेडल श्रेणी में आयुषी यादव, साक्षी पाल, प्रदीप वर्मा, श्रेयां पाणिग्रही, धुन जायसवाल, यशराज, नवीश, नंदनी, प्राची, शालिनी सिंह, सिद्धि वर्मा, आकांक्षा , दीपमाला, विनय, माही और पीहू जायसवाल,अभिनव वर्मा सहित अन्य कलाकारों के नाम शामिल रहे।
ब्रॉन्ज मेडल श्रेणी में वेदिका सिद्धि, तन्वी शर्मा, रुद्राक्ष पंसारे, अंशिका शर्मा, विराज उपाध्याय और विराट सिंह सहित प्रतिभागियों को स्थान मिला। इसके अतिरिक्त अनेक कलाकारों ने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से प्रदर्शनी में भागीदारी की और आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।
विशेषज्ञों के निर्णायक मंडल ने किया मूल्यांकन
आयोजकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रतियोगिता में प्रस्तुत कलाकृतियों का मूल्यांकन कला विशेषज्ञों के निर्णायक मंडल द्वारा किया गया। निर्णायक मंडल में अमिता शर्मा, डॉ. वंदना तोमर, श्री पंकज शर्मा और श्री सुरेश सौरभ शामिल रहे। विभिन्न कलात्मक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया गया।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल श्रेणियों में सम्मानित करने के साथ सभी प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान करने की व्यवस्था की गई। आयोजकों की योजना के तहत कलाकृतियों को ‘कला यात्रा एक खोज’ के फेसबुक पेज तथा इंस्टाग्राम मंच पर प्रदर्शित किया जाना भी शामिल रहा, जिससे कलाकारों की रचनाओं को अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।
आयोजक मंडल ने प्रतिभागियों का बढ़ाया उत्साह
इस आयोजन की संस्थापक कविता, सचिव पंकज वर्मा तथा सहयोगी कौशिक अग्रवाल ने कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने की पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन का मुख्य उद्देश्य कला के प्रति रुचि रखने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना, उनकी प्रतिभा को पहचान दिलाना और उन्हें अपनी रचनात्मक क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित करना रहा।
ऑनलाइन प्रदर्शनी के माध्यम से कलाकारों को बिना किसी भौगोलिक सीमा के अपनी रचनाएं प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इससे उन प्रतिभागियों को भी अपनी कला प्रदर्शित करने का मंच मिला, जो किसी बड़े कला आयोजन में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो पाते।
कला और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में पहल
कला केवल रंगों और रेखाओं का संयोजन नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक चेतना, भावनाओं और परंपराओं को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। देवी विषय पर आधारित इस प्रदर्शनी ने कलाकारों को भारतीय संस्कृति और आस्था से जुड़ी अपनी भावनाओं को कलात्मक रूप देने का अवसर प्रदान किया।
विशेष रूप से बच्चों और युवाओं की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि नई पीढ़ी में कला और संस्कृति के प्रति रुचि विकसित करने के लिए उचित मंच और प्रोत्साहन आवश्यक हैं। ऐसी प्रतियोगिताएं प्रतिभागियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित करती हैं।
‘कला यात्रा एक खोज’ की यह पहल उभरती प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने, कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रतियोगिता में शामिल कलाकारों की उपलब्धियों ने आयोजन को यादगार बनाया और भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित करने की संभावनाओं को बल दिया।